उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के वकीलों के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिवक्ताओं के हित में दो अहम घोषणाएं की हैं। इनमें सबसे बड़ी घोषणा वकीलों को 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने की है। इस फैसले से प्रदेश के बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं और उनके परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार की ओर से अधिवक्ताओं के कल्याण को लेकर किए गए इन ऐलानों को कानूनी समुदाय के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वकीलों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और सरकार उनके हितों तथा सुविधाओं को लेकर लगातार काम कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति सम्मान का अलग अंदाज भी देखने को मिला। उन्होंने दंडवत होकर मुख्यमंत्री का अभिवादन किया। यह दृश्य कार्यक्रम में चर्चा का विषय बन गया।
योगी सरकार की ओर से अधिवक्ताओं के लिए की गई इन घोषणाओं का उद्देश्य उन्हें बेहतर सामाजिक सुरक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराना बताया जा रहा है। कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने से गंभीर बीमारी या महंगे उपचार की स्थिति में वकीलों को आर्थिक दबाव से काफी राहत मिल सकती है।
सरकार के इन फैसलों के बाद अधिवक्ता संगठनों और कानूनी समुदाय में इसे लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा का लाभ किस प्रक्रिया और किन शर्तों के तहत अधिवक्ताओं को मिलेगा।
